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साल 2026 में पांच पवित्र स्नान, मकर संक्रांति से प्रारंभ, कार्तिक पूर्णिमा पर संपन्न

साल 2026 में पांच पवित्र स्नान, मकर संक्रांति से प्रारंभ, कार्तिक पूर्णिमा पर संपन्न

जोहार देवघर, 7 जनवरी। हिंदू धर्म में पवित्र नदियों और जलाशयों में स्नान का विशेष महत्व है। हिंदू धर्म ग्रंथों में भी स्नान को प्राथमिकता दी गई है। इससे कई मनोकामनाएं पूरी होने की बात भी कही गई है। शास्त्रों के अनुसार, पवित्र नदियों और सरावरों में स्नान करने से तन-मन की शुद्धि होती है। इसके साथ ही पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति भी होती है। कुछ खास तिथियों पर स्नान को विशेष फलदायी माना गया है। इस साल मकर संक्रांति से पवित्र स्नान शुरू होने जा रहा है। यहां हम आपको पवित्र स्नान की तिथियां बताने जा रहे हैं।

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मकर संक्रांति स्नान : 14 जनवरी को मकर संक्रांति है। कई जगहों पर इसे अगले दिन भी मनाया जाएगा। इस दिन पवित्र स्नान का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व बताया गया है। इस दिन सूर्य देव उत्तरायण होते हैं, जिससे वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। शास्त्रों के अनुसार, इस दिन पवित्र नदियों और तीर्थ स्थलों पर स्नान से तन-मन शुद्ध होते हैं।

मौनी अमावस्या स्नान : इस साल 18 जनवरी को माघ माह की अमावस्या है। इसे मौनी अमावस्या भी कहा जाता है। मान्यता है कि मौनी अमावस्या के दिन पतित पावन गंगा का जल अमृत के समान हो जाता है। इस दिन गंगा नदी में सच्चे हृदय से आस्था की डुबकी लगाना बहुत शुभ माना जाता है। इस दिन गंगा स्नान करने से पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है।

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माघ पूर्णिमा स्नान : इस साल 1 फरवरी को माघ पूर्णिमा है। इस दिन का पवित्र स्नान सनातन धर्म में अत्यंत पुण्य देने वाला माना जाता है। इस अवसर पर तिल, अन्न, वस्त्र, घी और कंबल का दान करने से पुण्य में कई गुना वृद्धि होती है। कहा जाता है कि माघ पूर्णिमा पर स्नान से मोक्ष की प्राप्ति भी होती है।

गंगा दशहरा स्नान : इस साल 25 मई को गंगा दशहरा ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाएगा। इसे हिंदू धर्म में प्रमुख पर्व माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार, इसी दिन मां गंगा स्वर्ग से पृथ्वी पर अवतरित हुई थीं। इस दिन गंगा स्नान, दान-पुण्य और पूजा करने से दस प्रकार के पापों से मुक्ति मिलती है।

कार्तिक पूर्णिमा स्नान : इस साल 24 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा है। इस दिन पवित्र नदियों और जलाशयों में स्नान करने का विशेष महत्व है। इस स्नान से पापों का नाश और आत्मिक शुद्धि होती है। इस दिन दीप दान और दान-पुण्य भी विशेष फलदायी माना गया है। इस दिन को देव दीपावली के नाम से भी जाना जाता है।

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