जोहार रांची, 21 जनवरी। झारखंड मुख्यमंत्री हेमंड सोरेन (Hemant Soren Davos Visit) ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज करते हुए भारत से पहले आदिवासी निर्वाचित नेता के रूप में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) की वार्षिक बैठक, दावोस में भाग लिया। झारखंड में उनके नेतृत्व में हो रहे परिवर्तनकारी कार्यों की सराहना करते हुए तथा राष्ट्राध्यक्षों और सरकार प्रमुखों को दिए जाने वाले स्थापित सम्मान के अनुरूप WEF के प्रतिनिधियों द्वारा मुख्यमंत्री को प्रतिष्ठित व्हाइट बैज प्रदान कर सम्मानित किया गया। यह सम्मान झारखंड राज्य के लिए अत्यंत गौरव का विषय है।
व्हाइट बैज विश्व स्तर पर चयनित वैश्विक नेताओं को प्रदान किया जाता है, जिसके माध्यम से उन्हें WEF कांग्रेस सेंटर एवं सभी विशेष WEF कार्यक्रमों में समान एवं पूर्ण प्रवेश प्राप्त होता है। यह विश्व आर्थिक मंच द्वारा राष्ट्राध्यक्षों एवं सरकार प्रमुखों को दिया जाने वाला एक अत्यंत विशिष्ट सम्मान माना जाता है। आज इसी WEF कांग्रेस सेंटर में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सहित कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों और सरकार प्रमुखों की भागीदारी भी प्रस्तावित है।
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वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के वरिष्ठ प्रतिनिधियों शैलेश और अनूप ने WEF अध्यक्ष के विचारों से अवगत कराते हुए कहा कि WEF झारखंड राज्य के साथ एक दीर्घकालिक साझेदारी विकसित करने का इच्छुक है। उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा WEF अध्यक्ष को भेजे गए औपचारिक पत्र की भी सराहना की और इसे झारखंड की स्पष्ट विकास-दृष्टि, गंभीरता तथा वैश्विक सहभागिता के प्रति प्रतिबद्धता का परिचायक बताया। इस अवसर पर यह भी चर्चा हुई कि झारखंड दावोस में WEF की टीम के साथ निरंतर संवाद और प्राथमिकताओं के सामंजस्य के माध्यम से अपने संबंधों को और सुदृढ़ कर रहा है।
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इसके अलावा, इंडिया पवेलियन का उद्घाटन भी किया गया। इस लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि आज #WEF दावोस में INDIA PAVILION के उद्घाटन समारोह में केंद्र सरकार तथा देश के अन्य राज्यों के माननीयों के साथ शामिल होने का सौभाग्य मिला। वैश्विक मंच में आयोजित हो रहे कार्यक्रम में झारखण्ड पहली बार शामिल हुआ है, यह हम सभी के लिए गौरव की बात है। मैं झारखण्ड राज्य से आता हूं, जो प्राकृतिक संसाधनों से परिपूर्ण राज्य है। ग्रीन एनर्जी के साथ-साथ अन्य क्षेत्रों में हम मजबूती से आगे बढ़ रहे हैं। 2047 तक विकसित भारत और 2050 तक समृद्ध झारखण्ड का हमने संकल्प लिया है। मुझे पूरा विश्वास है कि दावोस में विभिन्न देशों और कंपनियों के प्रमुखों से निवेश को लेकर हो रही सार्थक चर्चाओं से आने वाले समय में हमें अपने संकल्प को गति देने का नया बल मिलेगा। आप सभी को आज इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए हार्दिक आभार और झारखण्ड से जोहार।
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बैठक के दौरान क्रिटिकल मिनरल्स, रेज़िलिएंट एवं समावेशी समाज, तथा जलवायु कार्रवाई एवं ऊर्जा संक्रमण जैसे तीन प्रमुख विषयों पर साझा सोच और भविष्य की रूपरेखा को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। WEF प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को WEF साइट भ्रमण का आमंत्रण दिया तथा यह भी बताया कि WEF अध्यक्ष झारखंड के साथ भविष्य में मिलकर कार्य करने की संभावनाओं पर संवाद के लिए इच्छुक हैं। यह सम्मान और संवाद वैश्विक मंच पर झारखंड की बढ़ती पहचान को दर्शाता है तथा समावेशी, सतत और भविष्य-दृष्टि से प्रेरित विकास के प्रति राज्य की प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ करता है। (प्रेस विज्ञप्ति)
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