जोहार देवघर, 20 दिसंबर। प्राकृतिक आबोहवा मनोरंजक स्थल के रूप में आसपास के राज्यों में चर्चित मधुपुर कभी फिल्मी दुनिया के आकर्षण का केंद्र था । मधुपुर से भारतीय सिनेमा कलाकारों का पुराना लगाव रहा है।
प्रसिद्ध फिल्म निदेशक पीसी बरुआ कोलकाता में न्यू थिएटर के बैनर तले जीवन नैया नामक फिल्म की अधिकांश शूटिंग मधुपुर इलाके में कराए थे। वर्ष 1931 और 1953 की अवधि में न्यू थियेटर्स के बैनर तले हिंदी, बांग्ला फिल्मों का निर्माण कार्य क्षेत्र मधुपुर रहा।
न्यू थियेटर्स के संस्थापक पीसी बरुआ, उनके फिल्म की नायिका जमुना, छाया, चर्चित संगीतकार पंकज मल्लिक अपनी टीम के साथ बकुलिया झरना और चिहुंटिया पहाड़ क्षेत्र के हिस्से में कई फिल्मों का निर्माण कराया। उनका इन प्राकृतिक स्थलों से विशेष लगाव था।
सिनेमा जगत की जानी-मानी हस्ती के. एल. सहगल का मधुपुर से अलग संबंध रहा है। उनके छोटे भाई आर.एल. सहगल मधुपुर में रेल अधिकारी थे। अपने भाई से मिलने और मधुपुर में शूटिंग के सिलसिले में वह अक्सर मधुपुर आते थे। देश बंटवारे के पूर्व लाहौर के पंचोली आर्ट फिल्म संस्था के बैनर तले यहां कई यादगार फिल्मों का निर्माण हुआ। उसमें एक फिल्म 'खजांची' की नायिका रमोला पर एक प्रसिद्ध गीत 'सावन के नजारे हैं' मधुपुर में फिल्माया गया था। उस जमाने में हर एक युवा के होठों पर यह गीत थी।
एनएन घटक रोड स्थित मकान में रहने व अपने पिता से मिलने रमोला अक्सर मधुपुर आती थी। गीतकार और संगीतकार हेमंत मुखर्जी के मामा मधुपुर में रेलवे गार्ड के रूप में कार्यरत थे। हेमंत कुमार लाल बहादुर शास्त्री रेलवे इंस्टीट्यूट मधुपुर में गीत संगीत का रियाज करते थे। उनके साथ मधुपुर की कोठियों में रहने वाले कई कलाकार, संगीतकार रियाज में शामिल होते। इनमें से एक नबी बक्स रोड निवासी शम्स होदा बिहारी।
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अभाव के दौर में वह हेमंत मुखर्जी के साथ थे। बाद में मुंबई जाकर फिल्म जगत में अपनी पहचान बनाई। वहां हेमंत कुमार द्वारा होदा बिहारी रचित गीत यह चांद होंगे, तारे रहेंगे ने देश भर में तहलका मचा दिया। समिति चटर्जी, नूर साहब, विश्वजीत समेत कई महान कलाकार को मधुपुर की आबोहवा प्राकृतिक मनोरम आकर्षित करती रही।
आज मधुपुर का प्राकृतिक मनोरम जंगल, पहाड़, पहाड़ी उजड़ती जा रही है। स्वास्थ्यवर्धक मीठा पानी का स्रोत भी लुप्त होता जा रहा है। लेकिन अब पथरोल, बुढ़ई , बकुलिया झरना, चिहुंटिया पहाड़, फागो काली मंदिर, कर्णेश्वर महादेव मंदिर, नायक धाम आदि पर्यटक और आध्यात्मिक स्थलों के विकास के लिए पर्यटन विभाग प्रयास कर रही है।
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