जोहार रांची, 16 जनवरी। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुरुवार को पंजाब के अमृतसर में गुरु नानक देव विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह को संबोधित किया। राष्ट्रपति ने कहा कि औपचारिक शिक्षा पूरी करने के बाद छात्र अलग-अलग दिशाओं में अपना सफर शुरू करेंगे। कुछ सरकारी या निजी क्षेत्र में सेवा करेंगे, कुछ उच्च शिक्षा या अनुसंधान करेंगे, जबकि कई अपना खुद का व्यवसाय स्थापित करेंगे या शिक्षण में अपना करियर बनाएंगे। हालांकि, प्रत्येक क्षेत्र में अलग-अलग योग्यताओं और कौशलों की आवश्यकता होती है, लेकिन कुछ गुण हर क्षेत्र में प्रगति के लिए समान रूप से आवश्यक और सहायक होते हैं।
कुछ गुण हर क्षेत्र में प्रगति के लिए समान रूप से आवश्यक
उन्होंने आगे कहा कि ये गुण हैं, सीखने की निरंतर इच्छा और लगन। प्रतिकूल और कठिन परिस्थितियों में भी नैतिक मूल्यों, सत्यनिष्ठा और ईमानदारी का दृढ़ पालन। परिवर्तन को अपनाने का साहस। असफलताओं से सीखने और आगे बढ़ने का दृढ़ संकल्प। टीम वर्क और सहयोग की भावना। समय और संसाधनों का अनुशासित उपयोग और ज्ञान और क्षमताओं का उपयोग व्यक्तिगत लाभ के लिए नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के व्यापक हित के लिए करना।
इसे भी पढ़ें - राष्ट्रपति ने संथाली भाषा में भारत का संविधान जारी किया
विकास की राह में पिछड़ चुके लोगों का उत्थान भी जरूरी
उन्होंने कहा कि ये गुण न केवल उन्हें एक अच्छा व्यवसायी बनाएंगे, बल्कि एक जिम्मेदार नागरिक भी बनाएंगे। राष्ट्रपति ने छात्रों को याद दिलाया कि शिक्षा केवल जीविका का साधन नहीं है, बल्कि समाज और राष्ट्र की सेवा का भी साधन है। जिस समाज ने उन्हें शिक्षा प्रदान की है, उसके प्रति वे ऋणी हैं। विकास की राह में पिछड़ चुके लोगों के उत्थान के कोशिश करना इस ऋण को चुकाने का एक तरीका हो सकता है।
युवाओं के लिए अनेक उद्यमशीलता के अवसर उपलब्ध हैं
राष्ट्रपति ने कहा कि पिछले दशक में भारत ने प्रौद्योगिकी विकास और उद्यमिता संस्कृति के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। आज कृषि से लेकर कृत्रिम बुद्धिमत्ता और रक्षा से लेकर अंतरिक्ष तक, युवाओं के लिए अनेक उद्यमशीलता के अवसर उपलब्ध हैं। हमारे उच्च शिक्षा संस्थान अनुसंधान को बढ़ावा देकर, उद्योग-अकादमिक सहयोग को मजबूत करके और सामाजिक रूप से प्रासंगिक नवाचारों को प्रोत्साहित करके इस प्रगति को और गति प्रदान कर सकते हैं।
इसे भी पढ़ें - राष्ट्रपति मुर्मू ने जमशेदपुर में आयोजित 22वें पारसी महा और ओलचिकी शताब्दी समारोह में भाग लिया
पंजाब में मादक द्रव्यों के सेवन की समस्या गंभीर चुनौती
राष्ट्रपति ने कहा कि हाल के वर्षों में पंजाब में मादक द्रव्यों के सेवन की समस्या एक गंभीर चुनौती बनकर उभरी है, जिससे सबसे अधिक प्रभावित युवा हैं। यह समस्या न केवल स्वास्थ्य बल्कि समाज के सामाजिक, आर्थिक और नैतिक ताने-बाने को भी प्रभावित कर रही है। एक स्वस्थ समाज के लिए इस समस्या का स्थायी समाधान आवश्यक है। इसमें गुरु नानक देव विश्वविद्यालय जैसे शिक्षण संस्थानों की भूमिका महत्वपूर्ण है। इस विश्वविद्यालय के सभी हितधारकों को युवाओं को सही दिशा में मार्गदर्शन करने के लिए हर संभव कोशिश करना चाहिए।
'विकसित भारत' के निर्माण में अगले दो दशक महत्वपूर्ण
राष्ट्रपति ने कहा कि 'विकसित भारत' के निर्माण में अगले दो दशक अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। भारत का भविष्य उन युवाओं पर निर्भर करता है जो वैज्ञानिक सोच रखते हैं, जिम्मेदारी से कार्य करते हैं और निस्वार्थ भाव से सेवा करते हैं। उन्होंने उच्च शिक्षा संस्थानों से अपने छात्रों में इन मूल्यों को विकसित करने का आग्रह किया। उन्होंने युवा छात्रों से यह भी सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि वे जो भी व्यवसाय चुनें, उनका योगदान राष्ट्र को मजबूत करने और मानवीय मूल्यों को सुदृढ़ करने में सहायक हो।
इसे भी पढ़ें - राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू गुमला में अंतर्राज्यीय जनसंस्कृति समागम समारोह-कार्तिक जतरा में शामिल हुईं
गुरु नानक देव जी के उपदेश हमारी साझा विरासत हैं
राष्ट्रपति ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि गुरु नानक देव विश्वविद्यालय की स्थापना श्री गुरु नानक देव जी की 500वीं जयंती के अवसर पर हुई है और उनके उपदेश एवं मूल्य इस विश्वविद्यालय के मार्गदर्शक सिद्धांत हैं। उन्होंने कहा कि गुरु नानक देव जी के उपदेश हमारी साझा विरासत हैं और उनके विचार एवं आदर्श समस्त मानवता के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करते हैं। उनके आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करके हम समाज में व्याप्त अनेक समस्याओं का समाधान पा सकते हैं।
समाज में महिलाओं को समान अधिकार मिलने चाहिए
राष्ट्रपति ने कहा कि गुरु नानक देव जी ने हमें सिखाया है कि समाज में महिलाओं को समान अधिकार मिलने चाहिए। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की कि गुरु नानक देव विश्वविद्यालय गुरु नानक देव की शिक्षाओं के अनुरूप महिला सशक्तिकरण के लिए प्रयासरत है, जो दीक्षांत समारोह में डिग्री और पदक प्राप्त करने वाली छात्राओं की अधिकता से स्पष्ट है। उन्होंने कहा कि समाज और राष्ट्र के हित में है कि महिलाओं को पूर्ण आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के अवसर मिलें और सभी को इसके लिए कोशिश करना चाहिए। (प्रेस विज्ञप्ति)
-----समाप्त-----